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National Child Award-2027 : अदम्य साहस दिखाने वाले बच्चों को मिलेगा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2027, ऐसे करें आवेदन 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वीरता, समाज सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित छह श्रेणियों में प्रदान किया जाता है
 

विभिन्न क्षेत्रों में अदम्य साहस दिखाने वाले  बच्चों को केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2027 से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। पलवल डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2027 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के ऐसे प्रतिभाशाली एवं असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों के नाम 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वीरता, समाज सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित छह श्रेणियों में प्रदान किया जाता है।

उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे, जिन्होंने किसी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल की हो अथवा समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य किया हो, पुरस्कार के लिए नामांकित किए जा सकते हैं। पुरस्कार का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा अन्य बच्चों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2027 के लिए नामांकन एवं अनुशंसाएं केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार की जाएंगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा विकसित राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in ) पर आवेदन करना अनिवार्य है।

पोर्टल पर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसकी 31 जुलाई 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि के दौरान प्राप्त ऑनलाइन नामांकन एवं अनुशंसाओं पर ही विचार किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि जिला के शिक्षा विभाग, खेल विभाग, सामाजिक संस्थाएं, विद्यालय, अभिभावक तथा आम नागरिक अपने आस-पास के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर, जिन्होंने किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों, उनके नाम पुरस्कार के लिए भेज सकते हैं।

विशेष रूप से बालिकाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, दिव्यांग बच्चों तथा समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित प्रतिभाओं को आगे लाने पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार बच्चों की प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इसलिए जिले के अधिक से अधिक योग्य बच्चों के नाम इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए भेजे जा सकते हैं, ताकि उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके।