Vegetable Rates Increased : मानसून सीजन में बारिश व बाढ़ से प्रभावित हुई फसलें, सब्जियों के दाम बढ़े
पंजाब और हिमाचल से आने वाली गोभी और टमाटर की फसल इस बार कम आ रही है। इसका कारण मानसून सीजन में बारिश व बाढ़ से फसलों का प्रभावित होना बताया जा रहा है। इसलिए इन दिनों बाजार में सब्जियों की आवक कम हो रही है, जिससे दामों में उछाल आया है।
चार दिन पहले 40 रुपए किलो मिल रहा टमाटर अब 80 रुपए हो गया है। गोभी भी 50 रुपए किलो तक बिक रही है। कैंट सब्जी मंडी में इन दिनों गोभी और टमाटर 100-100 क्विंटल तक आता है। इन दिनों दोनों सब्जियों की मांग 20 प्रतिशत ज्यादा है। इस संबंध में अम्बाला सिटी नई सब्जी मंडी के प्रधान अमरनाथ ने बताया कि सब्जियों की मांग तो बढ़ गई है।
मगर, सब्जी विक्रेताओं को थोक में कम ही दामों में सब्जियां मिल रही हैं। मांग अधिक होने के कारण विक्रेता अधिक दाम वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों मंडी में टमाटर का थोक मूल्य 30 से 35 रुपए चल रहा है। जबकि रेहड़ी पर यह टमाटर 80 रुपए तक बिक रहा है। साथ ही गोभी भी 25 रुपए में थोक मूल्य पर बिक रही है, मगर रेहड़ी चालक गोभी को 50 रुपए तक बेच रहे हैं। मांग अधिक होने के कारण ही दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं।
10 दिन में दामों में होगा सुधार : बिंद्रा
कैंट सब्जी मंडी के वाइस चेयरमैन सुरेंद्र बिंद्रा ने बताया कि इन दिनों स्थानीय गोभी की फसल आनी शुरू हो जाती है। मगर, इस बार सब्जी आने में देरी हो रही है। जो सब्जी आ रही है वह भी कम मात्रा में आ रही है। साथ ही जोटमाटर नासिक, बैंगलोर या हिमाचल से आ रहा है वह भी मालभाड़े के साथ महंगा आ रहा है। इसलिए दामों में उछाल आया है। उन्होंने बताया कि 10 दिन में स्थानीय सब्जी आने के बाद दामों में राहत मिलेगी।
शादियों में बढ़ी मांग
शादियों के सीजन में फूल गोभी, टमाटर, प्याज, आलू, शिमला मिर्च और अदरक की मांग ज्यादा रहती है। मगर, आपूर्ति की कमी से इन सब्जियों के दाम 30 से 40 रुपए तक बढ़ रहे हैं। इसमें 4 दिन में ही शिमला मिर्च 80 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 120 रुपए, मटर 70 से बढ़कर 120, आलू 25 से बढ़कर 40 रुपए में बिक रहा है। हालांकि प्याज 20 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। वहीं अदरक भी 60 रुपए से बढ़कर 70 रुपए किलो पहुंच गया है। वहीं, गोभी की अभी शुरुआत हुई है, इसलिए वह 50 रुपए में ही बिक रही है।