Masoom sharma vs Gajender Phogat : मासूम शर्मा और गजेंद्र फोगाट के सोशल मीडिया पर फैंस के बीच छिड़ा वार, एक-दूसरे को ट्रोल कर रहे फैंस

Masoom sharma vs Gajender Phogat : हरियाणा में गन कल्चर को रोकने के लिए हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के गानों को यूट्यूब से हटाने का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर वार छिड़ गया है। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक हर जगह मासूम शर्मा के फैन गजेंद्र फोगाट को ट्रोल कर रहे हैं।
हालांकि मासूम शर्मा ने अभी तक गानों पर कार्रवाई के मामले में खुलकर गजेंद्र फोगाट का नाम नहीं लिया है और दूसरी तरफ गजेंद्र फोगाट भी कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया। उनका विभाग ही दूसरा है लेकिन फैन्स मानने को तैयार नहीं है। वहीं मासूम शर्मा सीधे नाम लिए बिना गजेंद्र फोगाट पर गाने डिलीट करवाने का आरोप लगा रहे हैं।
गजेंद्र फोगाट (Gajender Phogat) ने एक इंटरव्यू में कहा कि मासूम शर्मा सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में ऐसा कर रहे हैं जबकि मासूम शर्मा कह रहे हैं कि उनका (गजेंद्र) खुद का तो कुछ चल नहीं रहा, दूसरों की टांग खींच रहे हैं। मासूम शर्मा और गजेंद्र फोगाट द्वारा इस मामले में अभी तक एक-दूसरे का सीधा नाम नहीं लिया जा रहा लेकिन दोनों लगातार इंटरव्यू पर इंटरव्यू दे रहे हैं और फैंस भी एक-दूसरे के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं।
मासूम ने एक इंटरव्यू में तो गजेंद्र फोगाट के गाने का नाम लेकर कहा कि उन्होंने भी गन के साथ तड़कै पावेगी लाश नहर में गाना गाया हुआ है, वह भी गन कल्चर का गाना है, उसे तो डिलीट नहीं किया गया, फिर मेरे गानों से इतनी दिक्कत क्यों हो गई। तड़कै पावेगी लाश नहर में गाने को अमित सैनी रोहतकिया ने लिखा है लेकिन गाना गजेंद्र फोगाट ने गाया है। यह जो चार साल पहले यूट्यूब पर अपलोड किया गया है।
पूरे देश में कानून एक समान रूप से लागू होना चाहिए : मासूम शर्मा
हालांकि मासूम शर्मा (Masoom sharma) ने ये भी क्लीयर किया कि उसकी अमित सैनी रोहतकिया के साथ किसी तरह का मतभेद नहीं है। अमित सैनी उसका छोटा भाई है और मेहनती लड़का है। जो मुकाम उसे मिला है, इसके लिए वह डिजर्व करता है। मासूम शर्मा ने कहा कि सरकार ने अगर कानून बनाया है तो वह उसका समर्थन करते हैं लेकिन इसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए। गन कल्चर पूरे देश में एक समान रूप से लागू होना चाहिए। अगर हरियाणवी गाने डिलीट कर दिए तो युवा पंजाबी सुनेंगे। सरकार गन कल्चर के साथ गंद कल्चर पर भी रोक लगाए। गंदे गानों पर भी रोक लगाए जाएं।
वहीं दूसरी तरफ हरियााणा सरकार में OSD सीएम पब्लिसिटी चेयरमैन गजेंद्र फोगाट ने कहा कि वह कलाकारों का सॉफ्ट टारगेट हैं। उन्होंने किसी का गाना डिलीट नहीं करवाया। साइबर सेल द्वारा गानों को डिलीट किया जा रहा है, इसमें उनका कोई रोल नहीं है। जिन गानों पर पुलिस विभाग के साइबर सेल को आपत्ति है, उन्हें ही हटाया गया है। कुछ कलाकारों के गाने तो डिलीट हो ही गए, अब वो टीआरपी के चक्कर में हैं।
उनकी व्यक्तिगत राय है कि ऐसे गाने बनाओ, जिससे समाज में अच्छा संदेश आए। मासूम शर्मा को लेकर किए गए सवाल पर गजेंद्र फोगाट ने कहा कि ये कलाकार उसके लेवल के नहीं है। गजेंद्र फोगाट ने कहा कि कुछ कलाकार जान बूझकर प्रसिद्ध होने के लिए कोंट्रोवर्सी करते हैं। कुछ दिन पहले भी हरियाणा के दो कलाकारों ने आपस में खूब कोंट्रोवर्सी की और बाद में हाथ मिला लिया।
हरियाणवी कलाकार मासूम के समर्थन में
हरियाणवी इंडस्ट्री के कलाकार कुलवीर दनौदा उर्फ केडी, बिंद्र दनौदा, अमित ढुल, सोनिका, सिनम कैथोलिक, कीर्ति कुमार सत्ता समेत दर्जन भर से ज्यादा कलाकार खुलकर मासूम शर्मा की बात का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि सभी कलाकारों का कहना है कि अगर सरकार गन कल्चर वाले गानों पर कार्रवाई कर रही है तो फिर केवल मासूम शर्मा के गानों पर ही क्यों, बाकी सभी गानों को भी हटाया जाए। वह सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। साथ ही कलाकारों ने ये भी मांग की है कि सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और पॉलिसी से लेकर गानों को डिलीट करने के पैमाने को क्लीयर करना चाहिए।