ठंड की दस्तक से शिशु रोगों के साथ-साथ ओपीडी में बढ़े छाती में संक्रमण के मरीज
अंबाला कैंट अस्पताल की ओपीडी पर देखा जा रहा है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 180 से अधिक शिशु पहुंच रहे हैं।
बच्चों के लिए सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। इसका असर अंबाला कैंट अस्पताल की ओपीडी पर देखा जा रहा है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 180 से अधिक शिशु पहुंच रहे हैं। जहां पहले यह संख्या 100 से 120 तक सीमित रहती थी। इनमें अधिकतर बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज शामिल है। उन्हें विशे विशेषज्ञ इस मौसम में परिजनों से बच्चों की विशेष देखभाल करने की सलाह दे रहे हैं।
कैंट अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर ने बताया कि बच्चों के लिए ठंड शुरू हो चुकी है। ऐसे में बच्चों की देखभाल की विशेष जरूरत होती है। ऐसे मौसम में बच्चों को ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण वे बुखार, जुकाम, खांसी जैसी समस्याओं से जूझने लगते हैं। अगर बच्चे में दस्त, बुखार, गले में खराश, जुकाम आदि की समस्या नजर आए तो तुरंत बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।
बच्चों को ठंड लगने पर गले में दर्द की समस्या हो सकती है। बच्चे के चिड़चिड़ापन सकता है। बोलने में परेशानी या गले में खराश हो व्यवहार में सकती है। बच्चे के शरीर में कमजोरी के लक्षण भी नजर आ सकते हैं। शरीर का तापमान बढ़ सकता है। वहीं सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अगर ऐसे लक्षण दिखे तो बच्चों की जांच जरूर कराएं। जिससे समय रहते बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकें।
ये उपाय कर बच्चों का करें बचाव
अगर आपका बच्चा पांच वर्ष या उससे कम उम्र का है और ज्यादा ठोस आहार नहीं लेता है तो आप बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उसे दाल का पानी पिलाएं, ताजे फल का रस पिलाएं, दूध दें, टमाटर का सूप या वेजिटेबल सूप पिला सकते हैं। अगर बच्चे को दस्त हो गए हैं तो उसके शरीर में नमक की कमी हो सकती है जिसे दूर करने के लिए बच्चे को ओआरएस का घोल पिला सकते है। शरीर गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। सिर पर टोपी जरूर पहनाएं। इसके अलावा बच्चा छोटा होने पर स्तनपान करवा सकती हैं। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेगी।
