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Masoom sharma : सिंगर मासूम शर्मा खटखटाएंगे हाई कोर्ट का दरवाजा ? टारगेट कर डिलीट किए गाने 

 
Singer Masoom Sharma will go to the High Court forced songs forced to leave the country

Masoom sharma :  हरियाणा सरकार द्वारा गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गानों को डिलीट किए जाने के बाद हरियाणवी इंडस्ट्री में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूट्यूब से हटाए गए 9 गानों में सबसे ज्यादा मासूम शर्मा के छह गाने हैं।

इससे मासूम शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार से उन्हें न्याय की उम्मीद है लेकिन अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो आखिरी हथियार हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का है। इससे भी बात नहीं बनी तो वह प्रदेश और देश छोड़ने पर मजबूर होंगे, क्योंकि उन्हें टारगेट कर के गाने डिलीट किए गए हैं।

मासूम शर्मा (Masoom sharma) ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन समेत सभी कलाकारों ने हरियाणा की इंडस्ट्री को उठाने के लिए काफी संघर्ष किया है। अब इस तरह की कार्रवाई से हरियाणवी इंडस्ट्री पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। अगर केवल हरियाणा के कलाकारों के गाने बैन किए गए तो यूथ पंजाब के गाने सुनेगी।

इससे सरकार द्वारा जिस उद्देश्य से गानों को डिलीट करवाया जा रहा है, वह उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा, क्योंकि यूथ तो गाने सुनेगी ही,उन्हें हरियाणा (Haryana) के नहीं मिले तो पंजाब के सुनेगी और पंजाब के नहीं मिले तो बॉलीवुड के सुनेगी। इसलिए सरकार को पूरे देश में यह कानून लागू करते हुए एक समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।

Masoom sharma

मासूम शर्मा (Masoom sharma interview) ने कहा कि अगर सरकार ने हरियाणा से कार्रवाई शुरू की है और सबसे पहले उनके गानों को डिलीट करवाया गया है तो वह सौभाग्यशाली हैं कि सरकार की पहल उनके गानों से हुई लेकिन अगर उन्हें टारगेट कर के गानों को डिलीट करवाया गया है तो यह उनके साथ अन्याय है। उन्हें सरकार से न्याय की उम्मीद है।

इस पर मासूम शर्मा (Masoom sharma)  से सवाल किया गया कि अगर सरकार से न्याय नहीं मिला तो वह कोर्ट की मदद लेंगे या नहीं तो मासूम शर्मा ने जवाब दिया कि उनके पास आखिरी हथियार हाई कोर्ट का ही बचेगा। इतना ही नहीं मासूम शर्मा ने यह तक कहा कि अगर फिर भी न्याय नहीं मिला तो वह प्रदेश और देश छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

भाजपा के लिए फ्री में गाने गाए  : मासूम शर्मा

मासूम शर्मा ने कहा कि उसका भाई भाजपा पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है, इसलिए वह पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं। भाजपा के लिए उन्होंने दर्जनों कार्यक्रम फ्री में किए। बिना किसी शुल्क के पार्टी के लिए शो किए।

मजबूरी या शौक से बनते हैं क्रिमिनल, गानों से नहीं

मासूम शर्मा ने कहा कि गाने सुनकर कोई क्रिमिनल नहीं बनता। अपराधी मजबूरी या शौक में बनते हैं और उसके पीछे भी कोई न कोई कहानी होती है। गाने सुनकर कोई भी अपराधी बना हो, ऐसा उन्हें सुनने में नहीं आया। बॉलीवुड की फिल्मों में संसद में घुसकर हमला किया जाता है, गोलियां मारी जाती हैं, मंत्रियों को किडनैप किया जाता है, उन्हें भी तो परमिशन है। उनसे कोई क्यों नहीं प्रभावित होता।

हरियाणा में इंडस्ट्री अभी ग्रौथ कर रही थी लेकिन इस तरह की कार्रवाई से कलाकार हतोत्साहित हो जाते हैं। मासूम शर्मा ने ये भी कहा कि उन्होंने बीच में कुछ समय के लिए बदमाशी के गाने बंद कर दिए थे लेकिन तभी उनका ग्राफ गिर गया था। इससे उन्हें इकोनोमिकली भी दिक्कत आई तो दोबारा से ट्रेंड को पकड़ा और जो लोग सुनना चाहते हैं, उसी तरह के गाने दिए। मासूम शर्मा ने कहा कि वह अपने साथ गन रखते हैं, क्योंकि गन सेल्फ डिफेंस के लिए है।